वासुदेव उवाच
समझाने से समझ में नहीं आता । सीधी तरह से बताया तो हजम नहीं होता। अब तो निबटाना ही पडेगा
यार कमाल हो गया । वो तो निबटने के लिए घूम रहा है। ठीक है हम भी छाप देगें। कल पढ लेना;;;;